मैं बहुत रोया
मैं बहुत रोया
अपनो में गैर होके
मैं बहुत रोया
मैं बहुत रोया
दर्द की चादर ओढ़कर
सिसक भरी करवटें लेकर
आह की साँस भर भर के
मैं बहुत रोया
मैं बहुत रोया
मैं बहुत रोया
अपनो में गैर होके
मैं बहुत रोया
मैं बहुत रोया
दर्द की चादर ओढ़कर
सिसक भरी करवटें लेकर
आह की साँस भर भर के
मैं बहुत रोया
मैं बहुत रोया
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